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Tuesday, 30 May 2017

====सबसे बड़ा आश्चर्य====

====सबसे बड़ा आश्चर्य====
युधिष्ठिर के चारो भाई सरोवर किनारे मृतक समान पड़े थे ।पिपासु व भ्रातृ शोक से व्याकुल युधिष्ठिर के सम्मुख यक्ष प्रश्न खड़ा था ।उत्तर दिए बिना जल पीने के प्रयत्न में ही भीम,अर्जुन,नकुल,सहदेव की यह दशा हुई।चौथे भाई ने उत्तर देने की स्वीक्रति देते हुए धैर्यपूर्वक
उत्तर दिए जिसमे अंतिम प्रश्न था "आश्चर्य क्या है"

"अहन्यहानी भूतानि गच्छन्तीह यमालायम।
शेषा: स्थिरत्वमिच्छन्ति कीमाश्चर्यमतः परम।।"

नित्य-नित्य - प्रतिदिन प्राणी यमलोक जा रहे हैं परंतु बचे हुए लोग अमर होना चाहते हैं अथवा ऐसे जीते हैं जैसे वो हमेशा यही हैं।इससे बड़ा आश्चर्य क्या होगा।

ज्योतिर्विद एवं ध्यान मार्गदर्शक 
 पं. श्री तारामणि भाई जी
चामुंडा ज्योतिष केंद्र
www.chamundajyotish.com
"ध्यान सभी दुःखो का एक मात्र इलाज"
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